दोस्तों, ये मेरी असली जिंदगी की वो हॉट कहानी है जिसे सुनकर आपका लंड भी खड़ा हो जाएगा। मेरा नाम राहुल है, उम्र 24 साल। मैं दिल्ली में रहता हूँ। मेरे बड़ा भाई राजेश की शादी को 3 साल हो गए हैं। उनकी पत्नी, यानी मेरी भाभी का नाम नेहा है। उम्र 28 साल।
नेहा भाभी का फिगर बिल्कुल बम है — 36-28-38। गोरी चमकदार त्वचा, बड़े-बड़े गोल बूब्स, पतली कमर और भारी-भरकम गांड। वो साड़ी पहनती हैं तो उनकी गांड देखकर कोई भी देवर पागल हो जाए।
भाई अक्सर बिजनेस के सिलसिले में बाहर रहते थे। घर में मैं, भाभी और मम्मी-पापा रहते थे। मैं बचपन से ही भाभी को चोदने का सपना देखता था। उनकी साड़ी में उभरी गांड और ब्लाउज से फटते बूब्स देखकर रोज मुठ मारता था।
एक दिन मौका मिल गया।
भाई 10 दिन के लिए मुंबई गए हुए थे। मम्मी-पापा भी गांव गए हुए थे। घर में सिर्फ मैं और भाभी थे। शाम को मैं जिम से आया तो भाभी किचन में खाना बना रही थीं। उन्होंने हल्की सी नाइट सूट पहना हुआ था। उनकी मोटी गांड सूट में फंसकर और भी उभर रही थी।
मैं पीछे से गया और बोला, “भाभी, पानी देना।”
जैसे ही भाभी मुड़ीं, उनकी नजर मेरे जिम शॉर्ट्स में उभरे मेरे खड़े लंड पर पड़ गई। भाभी शर्मा गईं और नजरें झुका लीं। लेकिन मैंने देख लिया कि उनकी सांसें तेज हो गई थीं।
रात को खाना खाने के बाद भाभी टीवी देख रही थीं। मैं उनके पास बैठ गया। धीरे-धीरे मैंने अपनी टांग उनकी टांग से सटा दी। भाभी कुछ नहीं बोलीं। फिर मैंने हिम्मत करके अपना हाथ उनकी जांघ पर रख दिया।
भाभी ने धीरे से कहा, “राहुल… ये गलत है…”
मैंने कहा, “भाभी, मैं आपको बहुत दिनों से चाहता हूँ। भाई तो कभी घर पर रहते ही नहीं। आपकी चूत तरस रही होगी ना?”
ये सुनते ही भाभी का चेहरा लाल हो गया। लेकिन उन्होंने मेरा हाथ नहीं हटाया।
मैंने मौका देखकर भाभी को खींचा और सीधे उनके होंठ चूसने लगा। भाभी पहले तो विरोध करती रहीं, लेकिन 1 मिनट बाद वो भी मेरे साथ जोर-जोर से किस करने लगीं। उनकी जीभ मेरी जीभ से लिपट गई।
मैंने उनका नाइट सूट ऊपर किया। भाभी ने ब्रा नहीं पहनी थी। उनके 36 साइज के बड़े बूब्स बाहर आ गए। मैंने एक बूब मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगा। भाभी आहें भर रही थीं — “आह्ह राहुल… धीरे… आह्ह… चूसो बेटा…”
फिर मैंने उनका सूट और पैंटी दोनों उतार दिए। भाभी की चूत बिल्कुल साफ शेव थी और पहले से ही गीली हो चुकी थी। मैंने घुटनों के बल बैठकर उनकी चूत चाटनी शुरू कर दी। भाभी पागल हो गईं — “आआह्ह… राहुल… क्या कर रहे हो… आह्ह… चूत चाटो… और जोर से… हां देवर जी… चाटो अपनी भाभी की चूत…”
भाभी की चूत से रस बह रहा था। मैंने 5-6 मिनट तक चाटा। फिर उठकर अपना 7 इंच का मोटा लंड निकाला। भाभी ने देखा तो उनकी आँखें फैल गईं।
“राहुल… इतना मोटा और लंबा… धीरे से डालना…”
मैंने भाभी को सोफे पर लिटाया, उनके पैर फैलाए और एक झटके में पूरा लंड उनकी चूत में घुसा दिया। भाभी जोर से चीख पड़ीं — “आआह्ह… फट गई… मरो… आह्ह…”
लेकिन कुछ देर बाद वो खुद कमर हिलाने लगीं। मैं तेज-तेज धक्के मारने लगा। पूरा कमरा “पच-पच-पच” की आवाज से भर गया था।
भाभी चिल्ला रही थीं — “हां राहुल… जोर से चोदो… फाड़ दो अपनी भाभी की चूत… हां देवर… और तेज… मैं तुम्हारी रंडी हूँ… आह्ह… चोदो मुझे…”
मैंने भाभी को 3 पोजीशन में चोदा — पहले मिशनरी, फिर डॉगी और आखिर में भाभी ऊपर चढ़कर। भाभी 3 बार झड़ चुकी थीं। आखिर में मैं भी उनकी चूत के अंदर ही झड़ गया।
उस रात हमने 4 राउंड चुदाई की। सुबह होने तक भाभी पूरी तरह थक चुकी थीं, लेकिन बहुत खुश थीं।
उस दिन के बाद जब भी भाई बाहर जाते, भाभी मुझे मैसेज करतीं — “देवर जी, आज रात तुम्हारी भाभी की चूत खाली है… जल्दी आओ और भर दो।”
अब भाभी पूरी तरह मेरी चुदक्कड़ बन चुकी हैं। भाई के सामने तो वो सीधी-सादी पत्नी, लेकिन मेरे सामने वो मेरी सेक्सी रंडी भाभी हैं।