हैलो दोस्तों ये मेरी वो सच्ची घटना है जिसे मैं हमेशा अपने मन में छुपाकर रखना चाहती थी लेकिन आज मैं आप सबके साथ शेयर कर रही हूँ एक भाभी चुदाई कहानी जो देसी हिंदी सेक्स कहानी के रूप में मेरे जीवन को पूरी तरह बदल गई है मेरा नाम नेहा है और मेरी उम्र 33 साल है लेकिन मैं अपने चेहरे से इतनी युवा और आकर्षक लगती हूँ कि कोई भी मुझे 25 साल की समझ लेता है मैं बहुत खूबसूरत और सेक्सी महिला हूँ मेरा फिगर 36 30 38 का है मेरे बूब्स बहुत बड़े भरे हुए और नुकीले हैं जो देखने वाले का ध्यान खींच लेते हैं और जब भी मेरे पति को समय मिलता है वो हमेशा मुझे चोदते हैं और मेरे बूब्स से तो वो रोज ही खेलते हैं जब भी मेरे पति घर पर रहते हैं तो मेरे बूब्स उनके हाथों में व्यस्त रहते हैं कभी दबाते कभी चूसते और कभी इतने जोर से पेलते कि मैं चीखने लगती हूँ मेरे दो बच्चे हैं एक बेटी और एक बेटा उनकी उम्र 6 और 12 साल है और हम लखनऊ के रहने वाले हैं एक दिन हमारे घर मेरे पति का भतीजा अंकित रहने आ गया वो हमारे घर अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के लिए गाँव से आया क्योंकि गाँव के आस पास में कोई भी अच्छा कॉलेज नहीं था और था तो बहुत दूरी पर था उसका नाम अंकित है वो करीब 20 साल का है लेकिन मेरे पास वो पहले भी रह चुका है जब हम गाँव में अपने घर पर रहते थे लेकिन तब अंकित बहुत छोटा था और उसकी उम्र लगभग 13-14 साल की थी और हमेशा वो मुझे घूरता रहता था फिर जब मैं मेरी बेटी को दूध पिलाती तो उसकी नजरें मेरे बूब्स से नहीं हटती थी उसने कई बार मेरे नंगे बदन को देखा है हमारे घर में एक कमरा खाली है हमने उसे वहां पर रख लिया और अब वो हमारे साथ रहने लगा था जिससे मेरी जिंदगी में एक नया मोड़ आ गया था।
अंकित मुझसे ज्यादा बात नहीं करता था लेकिन उसकी नजरें हमेशा मेरे बूब्स पर ही रहती थी मुझे ज्यादातर बिना कपड़ों के रहने की आदत थी और मैं घर पर पेटिकोट ही पहनती हूँ अंकित ज्यादातर घर पर ही रहता था क्योंकि उनकी ज्यादा क्लासेज नहीं होती थी और वो एक सप्ताह में दो तीन दिन ही कॉलेज जाता था और दिन के वक्त बस हम दोनों ही घर पर रहते हैं वो गर्मियों के दिनों में हमेशा बिना टी शर्ट के रहता था और मैं उसका नंगा बदन देखती थी जिसकी मांसपेशियां देखकर मेरा मन विचलित हो जाता था एक बार मैं नहाने के बाद बाथरूम से निकली और मैंने अपने बूब्स पर सिर्फ टावल बांध रखा था और नीचे सिर्फ पेटिकोट पहना हुआ था और जब मैंने बाहर देखा तो अंकित मेरे बेटे के साथ खेल रहा था और जब मैं उन लोगों की तरफ से गुजरी तभी अचानक मेरे बेटे ने मेरा पेटिकोट नीचे खींच दिया और पेटिकोट को बचाने के चक्कर में मेरा टावल भी नीचे जमीन पर गिर गया और मेरा पूरा शरीर साफ साफ दिखने लगा तभी मेरी नजरें अंकित की तरफ गई और मैंने देखा कि उसकी आँखें मेरे बूब्स से हट ही नहीं रही थी क्योंकि मेरे बूब्स अब हवा में झूलने लगे थे और वो नीची निगाह से मेरी चुत के दर्शन भी कर रहा था और घूर रहा था और फिर मैंने पेटिकोट ऊपर खींच लिया लेकिन उस पल मेरे शरीर में एक अजीब सी सिहरन दौड़ गई थी जो मुझे समझ नहीं आ रही थी कि ये शर्म है या उत्तेजना।
तभी अचानक मैंने अंकित के लंड की तरफ देखा उसका लंड मेरे नंगे जिस्म को देखकर खड़ा हो गया था और उसकी पैंट के ऊपर उसके लंड का आकार उभर आया था और मैं कुछ नहीं बोली और अपने रूम में चली आई फिर एक रात अंकित मैं और मेरे दोनों बच्चे टीवी देख रहे थे और तभी मेरा बेटा मेरी गोद में आ गया और वो मेरे बूब्स को दबा रहा था और उनसे खेल रहा था फिर धीरे से उसने मेरे ब्लाउज को खोल दिया और मेरे बूब्स पूरे नंगे हो गए और वो मेरे नंगे बूब्स को मसल रहा था लेकिन मैंने उसे नहीं रोका और फिर मैंने देखा कि अंकित की आँखें टीवी पर नहीं मेरे बूब्स पर है तो मैंने अपने बेटे से कहा कि अब बस कर देख तेरे भैया मेरे बूब्स घूर घूरकर देख रहे हैं तभी अचानक मेरा बेटा अंकित से बोला कि भैया क्या आपने कभी इनका बूब्स दबाया है यह बहुत मजेदार है लेकिन अंकित कुछ नहीं बोला बस चुप था और थोड़ी देर बैठकर अपने रूम में चला गया फिर एक दिन घर पर कोई नहीं था सिवाए मेरे और अंकित के मैं उस वक्त सोकर उठी थी और मैं अंकित के रूम में गई उसके रूम का दरवाजा खुला था और जब मैंने अंदर जाकर देखा तो अंकित मुठ मार रहा था वो अपने लंड को अपने एक हाथ में पकड़कर जोर जोर से हिला रहा था और पहली बार मैंने उसका लंड देखा वो बहुत बड़ा था और फिर अंकित ने भी मुझे देख लिया और मेरी नजरें बस उसके लंड पर ही थी लेकिन उसने झट से अपनी अंडरवियर में लंड को डाल लिया और मैं उससे कुछ ना कह सकी बस चुपचाप चली आई लेकिन उस लंड की तस्वीर मेरे दिमाग में बस गई थी।
फिर एक बार मैंने ध्यान दिया कि बाथरूम से कई बार मेरी ब्रा पेंटी गायब रहती है और मेरा शक सीधे अंकित पर ही था और एक बार मैंने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया वो मेरी ब्रा को तकिये पर पहना के उसके ऊपर से दबा रहा था और साथ में मुठ मार रहा था तो मैं सीधे अंदर गई और उसे बहुत डांटा लेकिन उसने अचानक मेरे बूब्स को मेरे ब्लाउज के ऊपर से दबाया और मुझे अपने बिस्तर पर पटका और मेरे ऊपर खुद चढ़ गया और उसने अपना लंड मेरी नाक में सुंघाया तो मैंने उसे पीछे धकेला और चिल्लाने लगी तभी वो मुझसे आग्रह करने लगा कि वो मुझे एक बार चोदना चाहता है और मैं उसकी बात मान जाऊँ लेकिन मैं नहीं मानी और मैं वहां से चली गई फिर कुछ देर बाद वो मेरे रूम में आया और फिर आग्रह करने लगा तब मैंने यह सब बातें उसके चाचा को बताने की धमकी दी और वो फिर से माफी मांगने लगा और चला गया दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं लेकिन उस दिन के बाद मेरे मन में उथल पुथल मच गई थी।
उस दिन के बाद से हम दोनों की थोड़ी भी बात नहीं होती थी फिर एक रात मुझे सपना आया जिसमें वो मुझे बहुत चोद रहा था उसके बाद कई बार वो मेरे सपनों में आने लगा उसके लंड की तस्वीर मेरे मन में बस गई थी और मैं उसके लंड को देखना चाहती थी लेकिन मैं उससे बोल नहीं पा रही थी फिर एक दिन मैं उसके रूम में गई और उससे अपने रूम को साफ करने में मदद मांगी तो वो झट से मेरे रूम में आ गया और मदद करने लगा लेकिन बातों बातों में वो मेरे करीब आ गया और मैंने महसूस किया कि उसका लंड फिर से खड़ा है मैंने कुछ नहीं कहा लेकिन मेरी सांसें तेज हो गई थीं फिर उसने मेरे होंठों पर किस किया और मैंने विरोध नहीं किया उसने मेरे ब्लाउज के बटन खोले और मेरे बड़े बूब्स बाहर निकाल लिए और उन्हें चूसने लगा मैं कराह रही थी फिर उसने मेरा पेटिकोट उतार दिया और मेरी चुत पर हाथ फेरा उसका लंड अब मेरे मुंह के पास था मैंने उसे मुंह में ले लिया और चूसने लगी फिर वो मेरी चुत में अपना लंड डालकर मुझे चोदने लगा मैं चीख रही थी लेकिन मजा आ रहा था वो जोर जोर से चोदते हुए मेरी चुदाई कर रहा था और मैं भी उसके साथ पूरी तरह लिपट गई थी हम दोनों घंटों तक चोदते रहे और आखिर में वो मेरी चुत में झड़ गया फिर कुछ दिनों बाद अंकित का एक पंजाबी दोस्त जसवीर हमारे घर आया वो भी कुछ दिनों के लिए रहने लगा जसवीर भी मजबूत शरीर वाला था और एक दिन जब अंकित ने मुझे जसवीर के सामने चोदना शुरू कर दिया तो जसवीर भी शामिल हो गया दोनों ने मिलकर मेरी चुत और मुंह में अपने लंड डालकर मुझे चुदवाया मैं चुदक्कड़ बन गई थी और उनकी चुदाई का मजा ले रही थी जसवीर का लंड और भी मोटा था जो मेरी चुत को फाड़ता हुआ अंदर जा रहा था और अंकित मेरे बूब्स दबाते हुए मुझे चोद रहा था हम तीनों दिन रात चुदाई करते और मैं पूरी तरह संतुष्ट हो गई थी ये मेरी जिंदगी की सबसे हॉट चुदाई थी जिसने मुझे नई ऊर्जा दे दी।
दोस्तों ये मेरी सच्ची भाभी चुदाई कहानी थी अगर आपको पसंद आई तो कमेंट में जरूर बताना और अपनी राय शेयर करना ताकि मैं और भी अपनी छुपी हुई घटनाएं आप तक पहुंचा सकूं।