देसी हिंदी सेक्स कहानी में मेरे पड़ोस की एक लड़की से मेरी दोस्ती हो गई थी। वह द्विअर्थी बातें करने लगी तो मैं समझ गया कि साली को लंड की जरूरत है। ये मेरी वो सच्ची घटना है जिसे मैं हमेशा से छुपाकर रखना चाहता था लेकिन आज दिल खोलकर बता रहा हूँ।
हाय दोस्तों मेरा नाम राहुल है मैं वाराणसी का रहने वाला हूँ।
मैं 21 साल का हूँ।
इस टीनएज वर्जिन फक स्टोरी में मैंने दो कुंवारी लड़कियों को और उनकी मम्मी को चोदा।
मेरे घर के सामने एक बहुत खूबसूरत आंटी जी रहती हैं।
उनकी उम्र 46 साल है।
उनकी दो बेटियां हैं।
एक का नाम प्रिया है जो 23 साल की है और दूसरी रिया है वह 21 साल की है।
प्रिया और रिया अलग अलग कॉलेज में पढ़ती हैं।
मैं अलग कॉलेज में पढ़ता हूँ।
प्रिया घर पर रहकर पढ़ाई करती थी वह कॉलेज नहीं जाती थी।
आंटी का नाम सुनीता है उनके पति मुंबई में काम करते हैं और केवल त्योहारों पर ही घर आ पाते हैं।
आंटी जी एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती हैं।
आंटी और उनकी दोनों बेटियां देखने में बहुत सुंदर हैं।
मैं रोज रात को खाना खाने के बाद अपने घर के बाहर टहलता था।
उधर ही आंटी रिया और प्रिया भी टहलने आती थीं।
चूँकि वे हमारे पड़ोसी हैं हमारी जान पहचान पहले से थी इसलिए मैं सबसे बात करता था लेकिन कभी गलत नजर से नहीं देखता था।
एक दिन जब मैं टहल रहा था और प्रिया से बात कर रहा था।
तभी अचानक से मेरा पैर ठोकर खा गया और मैं गिरते गिरते बचा।
प्रिया हंस पड़ी और बोली अभी से ये हाल है तो आगे क्या करोगे।
मैंने भी मजाक में कह दिया आगे तो मैं तूफान मचा दूँगा।
वह बोली सच में हम भी देखेंगे कि तुम आगे क्या तूफान मचाओगे।
इन बातों में आगे शब्द बड़ा ही अर्थपूर्ण था कि कौन से आगे में तूफान की बात हो रही थी।
हम दोनों ने ही इस बात को समझ लिया था और अंदर ही अंदर इस बात को समझ कर हंसने लगे थे।
उस दिन के बाद से हमारी ऐसी बातें होने लगीं।
मैं प्रिया से खुलकर बात करने लगा और वह भी मेरे साथ बिंदास होती गई।
एक दिन प्रिया ने मुझसे पूछा तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है।
मैंने कहा नहीं यार मुझे तो कोई भाव ही नहीं देती।
प्रिया हंस कर बोली लगता तो नहीं कि तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड न हो दिखने में ठीक हो साढ़े पांच फुट की तुम्हारी लंबाई भी ठीक है और चौड़ाई भी मतलब एकदम हट्टे कट्टे मर्द हो।
जब मैंने उसके मुंह से एकदम हट्टे कट्टे मर्द सुना तो मैं समझ गया कि इसके मन में कुछ चल रहा है।
मैंने लंबी सांस लेते हुए कहा जब मैं तुम्हें इतना हैंडसम लगता हूँ तो तुम ही बन जाओ न मेरी गर्लफ्रेंड।
मेरी बात पर वह मुस्कुराई और घर चली गई।
अब मेरे मन में उसके बारे में कामुक ख्याल आने लगे।
मैं उसके नाम की मुठ मारने लगा मैं रोज उसके घर जाने लगा और सबसे बातें करता लेकिन जब वह अकेली होती मैं उसे छू लेता।
वह कुछ नहीं बोलती बस मुस्कुरा देती।
इससे मेरी हिम्मत और बढ़ गई।
आंटी जी रोज पढ़ाने जाती थीं क्योंकि वे एक प्राइवेट स्कूल की टीचर थीं।
रिया कॉलेज चली जाती थी और प्रिया घर पर अकेली रह जाती।
मेरे दिमाग में विचार आया कि क्यों न इस अकेले समय का फायदा उठाया जाए।
अगले ही दिन मैं कॉलेज नहीं गया।
आंटी और रिया के जाने के थोड़ी देर बाद मैं प्रिया के घर आ गया।
मैंने बेल बजाई।
प्रिया ने दरवाजा खोला और पूछा आज यहां कैसे कॉलेज नहीं गए।
मैंने उसकी चूचियों को वासना से देखते हुए कहा आज मन नहीं था।
वह समझ गई कि मैं कुछ गड़बड़ करने वाला हूँ।
मुझसे अब रुका नहीं जा रहा था ऐसा लग रहा था कि बस इसे यहीं पकड़ कर चोद दूँ।
वह किचन में गई और मेरे लिए चाय बनाने लगी।
मैं बाथरूम गया और मैंने जानबूझ कर दरवाजा लॉक नहीं किया।
वहां तीन पैंटी पड़ी थीं।
मैंने एक पैंटी उठाई और अपना लंड निकाल कर हिलाने लगा।
मेरा लंड प्रिया के बारे में सोचकर कड़क हो गया था।
मैंने पैंट नीचे कर दी।
एक हाथ से पैंटी सूंघ रहा था और दूसरे से मुठ मार रहा था।
मैं धीरे धीरे बुदबुदाते हुए बोल रहा था आह मेरी जान प्रिया एक बार तुम्हारी चूत मिल जाए तो मेरे लौड़े को तो मजा ही आ जाए।
उसका नाम जुबान पर आते ही मेरे लौड़े में कड़कपन बढ़ गया।
मैंने अपनी आंखें बंद कर लीं और मुठ मारने में लीन हो गया।
इतने में प्रिया ने बाथरूम का दरवाजा थोड़ा सा खोला क्योंकि मैंने उसे पहले ही हल्का खुला छोड़ा था।
प्रिया छुपकर देखने लगी।
मैं बस दबी जुबान से प्रिया का नाम ले रहा था और मुठ मार रहा था।
फिर मैं झड़ गया।
प्रिया चुपके से किचन में वापस चली गई।
मैं भी बाहर आ गया।
प्रिया ने कहा काफी समय लगा दिया बाथरूम में।
यह कह कर वह हंसने लगी।
हम दोनों ने चाय पी और मैं उसे छेड़ने लगा।
मुझे लग रहा था कि वह भी काफी गर्म हो चुकी थी और कोई विरोध जैसा नहीं कर रही थी।
मैं बाहर जाने लगा।
तो उसने कहा कहां जा रहे हो।
मैंने कहा कुछ काम है।
वह बोली थोड़ी देर बाद चले जाना।
लेकिन मैं चला गया और प्रिया से कह दिया दस मिनट में वापस आ जाऊंगा।
उसने कहा ओके मैं इंतजार करूंगी।
उसने जब यह कहा तो मैंने उसके चेहरे को नजर भर कर देखा।
देखने से साफ लग रहा था कि वह भी मुझसे कुछ चाहती है।
मैं दस मिनट बाद वापस गया और दरवाजा खुला था।
मैं अंदर घुस गया और देखा प्रिया सोफे पर बैठी थी।
उसने मुझे देखते ही मुस्कुरा कर कहा आ गए।
मैं उसके पास बैठ गया और बातें करने लगा।
धीरे धीरे बातें गरम होने लगीं।
मैंने उसका हाथ पकड़ा और कहा प्रिया तुम बहुत सुंदर हो।
वह शर्मा गई लेकिन हाथ नहीं छुड़ाया।
मैंने हिम्मत करके उसके होंठों पर किस कर दिया।
वह पहले तो चौंक गई लेकिन फिर मेरा साथ देने लगी।
हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे।
मेरे हाथ उसकी कमर पर घूमने लगे।
वह भी मेरी पीठ सहलाने लगी।
धीरे धीरे मैंने उसकी साड़ी का पल्लू सरका दिया।
उसकी ब्लाउज से उसकी बड़ी चूचियां उभर रही थीं।
मैंने ब्लाउज के हुक खोल दिए और ब्रा भी उतार दी।
उसकी गोरी चूचियां सामने थीं।
मैंने उनको चूसना शुरू कर दिया।
प्रिया आह भरने लगी।
मैंने उसकी साड़ी और पेटीकोट भी उतार दिए।
अब वह सिर्फ पैंटी में थी।
मैंने अपनी शर्ट और पैंट भी उतार दी।
मेरा लंड तना हुआ था।
प्रिया ने उसे देखकर कहा वाह कितना बड़ा है।
मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी और उसकी चूत को चूमने लगा।
वह कराहने लगी और बोली राहुल चोद दो मुझे।
मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और धीरे से दबाया।
वह वर्जिन थी इसलिए थोड़ा दर्द हुआ लेकिन फिर मजा आने लगा।
मैं उसे जोर जोर से चोदने लगा।
प्रिया चीखने लगी लेकिन खुशी से।
हम दोनों चोदते रहे और आखिर में मैं उसके अंदर झड़ गया।
इसके बाद हम अक्सर ऐसे मौके ढूंढते और चुदाई करते।
एक दिन रिया भी घर पर अकेली थी।
मैंने उसे भी फुसलाया और उसकी चुदाई भी कर दी।
दोनों बहनों को चोदने का मजा अलग था।
फिर एक दिन आंटी सुनीता भी शामिल हो गईं।
आंटी को देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया।
मैंने आंटी को भी चोदा और तीनों को एक साथ चोदने का सपना पूरा किया।
हम चारों मिलकर चुदाई करते और मजा लेते।
आंटी बोली राहुल तुम बहुत अच्छे हो।
प्रिया और रिया भी कहतीं कि तुम्हारा लंड बहुत पसंद है।
इस तरह मेरी चुदाई की कहानी चलती रही।
दोस्तों ये मेरी असली जिंदगी की घटना है।
अब मैं अक्सर उन तीनों को चोदता हूँ और हर बार नया मजा मिलता है।
तो दोस्तों ये थी पड़ोसी आंटी और उनकी दो बेटियों की चुदाई कहानी।
कहानी कैसी लगी कमेंट में जरूर बताना।
अगर आपको मेरी ये सच्ची कहानी पसंद आई हो तो कमेंट करके बताएं और अगली कहानी के लिए इंतजार करें।